नेपाल जाते समय 50 लाख रुपये नकद के साथ पकड़े गए हैंडलर से पूछताछ में ऐसे अहम तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि गोरखपुर में किराए के मकान में रह रहे राजस्थान के बीकानेर निवासी दो भाई पिछले डेढ़ वर्ष से नेपाल तक बड़ी मात्रा में नकदी भेजने वाले नेटवर्क से जुड़े थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों संदिग्धों का अचानक गायब हो जाना और बीकानेर में बताए गए उनके पते का फर्जी निकलना इस मामले को और गंभीर बना रहा है। इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं।
पूछताछ के दौरान सिद्धार्थनगर निवासी हैंडलर राजीव जायसवाल से मिली जानकारियों ने इस पूरे नेटवर्क को और संदेह के घेरे में ला दिया है। एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजस्थान से नेपाल तक फैला एक संगठित हवाला नेटवर्क सक्रिय है।
सूत्रों के मुताबिक, नकदी की आवाजाही के लिए किराए के ठिकानों, फर्जी पहचान और सीमावर्ती रूट्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
खुफिया एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि नेपाल भेजी जा रही नकदी का इस्तेमाल किस गतिविधि या संगठन के लिए किया जा रहा था, जिससे मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ सकता है।#गोरखपुर #नेपालहवाला #कैशनेटवर्क #50लाख #राजीवजायसवाल #हवालातस्करी #राष्ट्रीयसुरक्षा