जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके पुत्र तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, पुत्री मीसा भारती सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
कोर्ट के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि लालू यादव परिवार से जुड़े अपराधों की सूची लगातार लंबी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और देश में कानून से बड़ा कोई नहीं है। जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है, उनके खिलाफ कानून अपना काम कर रहा है और अदालतें उचित समय पर फैसला लेंगी।
सरावगी ने कहा कि अदालत ने भी माना है कि जमीन के बदले नौकरी का यह मामला व्यापक आपराधिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद शासनकाल के दौरान बिहार में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए, जिससे हजारों करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बनाई गई और राज्य का विकास प्रभावित हुआ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 15 वर्षों के तथाकथित ‘जंगलराज’ में बिहार को न केवल विकास से वंचित रखा गया, बल्कि राज्य की छवि को भी देशभर में नुकसान पहुंचा। रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों को उन्होंने राष्ट्रव्यापी बताया।
सरावगी ने दावा किया कि अदालत ने यह भी माना है कि लालू यादव परिवार राजनीति को अवैध संपत्ति अर्जित करने के साधन के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब भ्रष्टाचार और ‘जंगलराज’ की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी लालू यादव चारा घोटाले में दोषी ठहराए जा चुके हैं।जमीनकेबदले_नौकरी
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