अब जिले के सरकारी और निजी स्कूलों में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अनुशासन, स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की जा रही है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मध्याह्न भोजन के बाद स्कूल परिसरों में जूठा न छोड़ा जाए और न ही आवारा कुत्तों को भोजन दिया जाए।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जारी की गई नई मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) के तहत विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक अब केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूल परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
एसओपी में विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि मिड-डे मील के बाद बचे हुए भोजन का तत्काल निस्तारण किया जाए, ताकि स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों की आवाजाही रोकी जा सके। इसके साथ ही शिक्षकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि छात्र या कर्मचारी किसी भी स्थिति में कुत्तों को भोजन न दें।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल स्कूल परिसरों में स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि निर्देशों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।स्कूल_एसओपी
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