जनपद के टांडा क्षेत्र में देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। टांडा-मुरादाबाद मुख्य मार्ग पर पराली से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली अचानक आग की लपटों में घिर गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलती हुई ट्रॉली को नगर से बाहर निकालकर बड़े हादसे को टाल दिया। हालांकि आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को कई घंटे लग गए और तब तक पूरी ट्रॉली जलकर राख हो चुकी थी। इस घटना के कारण मार्ग पर लंबा जाम लग गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना का विवरण
बिलासपुर निवासी किसान महेंद्र सिंह अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली में पराली लादकर मुरादाबाद के बेलवाड़ा स्थित राणा शुगर मिल जा रहे थे। देर रात जब वह टांडा नगर के सदर बाजार क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी कोतवाली के पास किसी वाहन चालक ने उन्हें बताया कि उनकी ट्रॉली में आग लग गई है। अचानक मिली इस सूचना से महेंद्र सिंह घबरा गए, लेकिन उन्होंने तुरंत समझदारी का परिचय दिया।
उन्होंने ट्रॉली को नगर के भीड़भाड़ वाले इलाके से बाहर निकालने का निर्णय लिया ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। सबसे पहले उन्होंने पास के कार वॉश सेंटर पर ट्रॉली को रोककर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन पराली में लगी आग इतनी तेज थी कि पानी डालने से आग और भड़क गई।
चालक की सूझबूझ
आग पर काबू पाने में असफल होने के बाद महेंद्र सिंह ने ट्रॉली को आगे बढ़ाया और बादली पुल के पास ले गए। यह स्थान नगर से बाहर था और यहां भीड़ कम थी। उनकी इस सूझबूझ से नगर क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।
हालांकि, ट्रॉली में लगी आग लगातार फैलती रही और देखते ही देखते पूरी ट्रॉली आग की लपटों में घिर गई। पराली होने के कारण आग तेजी से फैलती गई और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा।
फायर ब्रिगेड की मशक्कत
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए कई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। पराली की मात्रा अधिक होने और आग के तेज फैलाव के कारण आग बुझाने में कठिनाई आई। अंततः फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक पूरी ट्रॉली जलकर राख हो चुकी थी।
यातायात प्रभावित
इस घटना के कारण टांडा-मुरादाबाद मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। रात के समय भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और धीरे-धीरे जाम को खत्म कराया।
राहत की बात
सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। चालक महेंद्र सिंह ने अपनी सूझबूझ से ट्रॉली को नगर से बाहर निकालकर एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। यदि ट्रॉली नगर क्षेत्र में ही आग की चपेट में आती तो आसपास की दुकानों और घरों को भी नुकसान पहुंच सकता था।
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पराली जैसी ज्वलनशील सामग्री को ले जाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। थोड़ी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। किसान महेंद्र सिंह की समझदारी ने नगर को एक बड़ी दुर्घटना से बचा लिया, लेकिन उनकी पूरी ट्रॉली जलकर राख हो गई।
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