जिले में व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया ठप होने से वाहन स्वामियों और चालकों की परेशानी बढ़ गई है। डासना स्थित निजी फिटनेस सेंटर पर पिछले एक सप्ताह से वाहनों की जांच नहीं हो पा रही है। इसके चलते वाहन मालिकों को मजबूरी में दूसरे जिलों में जाकर फिटनेस करानी पड़ रही है। बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन संचालन को लेकर चालान का डर भी बना हुआ है।
📌 स्थिति
- डासना फिटनेस सेंटर पर प्रतिदिन 100 से अधिक वाहनों की जांच होती थी।
- जिले में लगभग 65 हजार व्यवसायिक वाहन पंजीकृत हैं।
- इनमें से 28 हजार से अधिक वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है।
- सेंटर बंद होने से इन वाहनों के मालिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
📌 वाहन मालिकों की परेशानी
- कई वाहन स्वामी आरटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
- उन्हें पास के जिलों में जाकर फिटनेस कराने की सलाह दी जा रही है।
- वाहन स्वामी रवि कुमार ने बताया कि उनकी बस का फिटनेस प्रमाणपत्र शनिवार तक ही वैध है, जिससे वे असमंजस में हैं।
📌 असर
- फिटनेस प्रक्रिया ठप होने से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
- वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
- चालकों को चालान और कानूनी कार्रवाई का डर सता रहा है।
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