ब्लॉक किए गए वाहन को बेचने का झांसा देकर 15.85 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने दो आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता शम्मी अहमद, निवासी क्लासिक कार बाजार, शिमला बाईपास, ने बताया कि वह वाहन क्रय-विक्रय का व्यवसाय करता है। इसी क्रम में 6 अक्टूबर 2025 को किसी परिचित के माध्यम से उनकी पहचान रविन्द्र कुमार से हुई। इसके बाद रविन्द्र कुमार ने उनका परिचय गुरसेवक, निवासी सुभाष नगर, रुद्रपुर (उधमसिंह नगर) और विमल नामक व्यक्ति से कराया।
आरोप है कि तीनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से पहले से ही ब्लॉक किए गए वाहन को बेचने की योजना बनाई। गुरसेवक ने खुद को स्कॉर्पियो वाहन का वास्तविक स्वामी बताते हुए वाहन का सौदा 16.10 लाख रुपये में तय किया।
सौदे के समय आरोपित गुरसेवक अपने साथ वाहन की दोनों चाबियां, मूल दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल फोन लेकर आया, जिससे पीड़ित को उस पर विश्वास हो गया। इसी भरोसे में आकर शम्मी अहमद ने वाहन खरीदने की सहमति दे दी।
पीड़ित ने आरोपित गुरसेवक के खाते में बयाने के तौर पर एक हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में कुल 15.85 लाख रुपये उसके खाते में भेज दिए। बाद में जब वाहन से संबंधित जानकारी की जांच की गई, तो पता चला कि संबंधित वाहन पहले से ही ब्लॉक है।
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पटेलनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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