ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया गया है। अब नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले मंदिरों, शिक्षण संस्थानों और गंगा घाटों के 200 मीटर के दायरे में तंबाकू की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नगर निगम का कहना है कि इस निर्णय के लागू होने के बाद ऋषिकेश राज्य का पहला ‘तंबाकू नियंत्रित शहर’ बन जाएगा।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले सभी विक्रेताओं के लिए नगर निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण तंबाकू बेचने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस विषय को लेकर शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय में महापौर शंभू पासवान की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री को विनियमित करने और सार्वजनिक स्थलों के आसपास इसके प्रभाव को नियंत्रित करना था।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नगर निगम विशेष उपविधि (Special Bye-Laws) के माध्यम से तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर सख्त नियंत्रण लागू करेगा। इन उपविधियों के तहत धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और गंगा घाटों के आसपास तंबाकू की उपलब्धता पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाएगी।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कदम जनस्वास्थ्य की सुरक्षा, युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने और धार्मिक नगरी ऋषिकेश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गरिमा बनाए रखने की दिशा में एक अहम पहल है। आने वाले दिनों में नियमों के उल्लंघन पर निगरानी और प्रवर्तन की प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा।
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