पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन खरीद में हुई लंबी देरी को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कड़ा कदम उठाया है। इस मामले में सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है। यह कार्रवाई पोषण अभियान से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में लंबे समय से लंबित खरीद प्रक्रिया को लेकर की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की योजना केंद्र सरकार के पोषण अभियान (Mission Saksham Anganwadi/Poshan Abhiyan) के तहत शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य आंगनवाड़ी सेवाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग करना और लाखों लाभार्थियों की निगरानी को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना था।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, करीब 28,515 स्मार्टफोन खरीदे जाने थे, जिनके जरिए लगभग 12 लाख लाभार्थियों की निगरानी की जानी थी। लेकिन खरीद प्रक्रिया में करीब छह साल की देरी होने से यह मामला विवाद में आ गया।
इस मामले में जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें तत्कालीन प्रशासनिक सचिव कमल किशोर यादव और पंजाब इंफोटेक के प्रबंध निदेशक जसप्रीत सिंह शामिल हैं। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, स्मार्टफोन सप्लाई से जुड़े वेंडर ने देरी को लेकर अदालत का रुख भी किया था, जिसके बाद यह मामला और गंभीर हो गया। हालांकि आधिकारिक आदेश में निलंबन का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किया गया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसे देरी से जोड़कर देखा जा रहा है। #PunjabNews #Anganwadi #IASAction #PoshanAbhiyan #Governance #IndiaNews #AdministrativeAction #DigitalGovernance