महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय परिसर अब सौर ऊर्जा की रोशनी से जगमगाएगा। पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य भवन, छात्रावास, अतिथि गृह, विद्युत उपकेंद्र सहित पूरे परिसर को सौर ऊर्जा संयंत्र से आच्छादित किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह पहल न सिर्फ बिजली संकट से राहत दिलाएगी, बल्कि आमजन को वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा स्रोत अपनाने का संदेश भी देगी। सभी प्रमुख भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं और परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है।
बिजली आपूर्ति की समस्या से मिलेगी राहत
फिलहाल आयुष विश्वविद्यालय की विद्युत आपूर्ति के लिए लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से विद्युत उपकेंद्र स्थापित किया गया है। फर्टिलाइजर क्षेत्र से विश्वविद्यालय परिसर तक करीब 11 किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन बिछाई गई है। लंबी दूरी और तकनीकी कारणों की वजह से आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं।
सौर ऊर्जा बनेगी स्थायी समाधान
इसी समस्या के स्थायी समाधान के तौर पर परिसर को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सोलर पैनल इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा होते ही विद्युत आपूर्ति को नई व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा, जिससे निर्बाध बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बनेगी। आयुष विश्वविद्यालय का यह कदम प्रदेश के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।#AyushUniversity #SolarEnergy #GreenEnergy #GorakhpurNews #RenewableEnergy #UPNews #EducationNews