उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) ने रोजगार के दायरे को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब निगम के माध्यम से युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस उद्देश्य से उपनल ओवरसीज रिक्रूटमेंट एजेंसी (UORA) के गठन को मंजूरी दे दी गई है।
गढ़ी कैंट स्थित उपनल मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित बोर्ड बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने की। बैठक में एजेंसी की संरचना, कार्यप्रणाली और संचालन तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई।
निर्णय लिया गया कि यूओआरए की कार्यप्रणाली पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध होगी, ताकि राज्य के युवाओं को विदेश में रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और विश्वसनीय बन सके। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो और चयनित अभ्यर्थियों को उचित मार्गदर्शन तथा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
भर्ती और प्रशिक्षण पर विशेष जोर
बैठक में एजेंसी की रूपरेखा, भर्ती मानदंड और प्रशिक्षण व्यवस्था पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि विदेशों में रोजगार दिलाने से पहले अभ्यर्थियों को आवश्यक कौशल प्रशिक्षण, भाषा दक्षता और संबंधित देश के नियमों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे वहां की कार्यप्रणाली में सहजता से समायोजित हो सकें।
इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव श्याम सिंह, अपर सचिव वित्त नवनीत पांडेय, कार्मिक विभाग से उप सचिव एसवी रंजन, राज्यपाल के अनु सचिव अनूर सिंह, मेजर जनरल सम्मी सभरवाल (सेनि), उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि), कर्नल इप्शिता चटर्जी (सेनि), लेफ्टिनेंट कर्नल बीएस रौतेला (सेनि) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य के युवाओं, विशेषकर पूर्व सैनिक परिवारों और प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को वैश्विक स्तर पर बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे। साथ ही, इससे राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।#UPNL #UORA #UttarakhandNews #OverseasJobs #GaneshJoshi #YouthEmployment #ExServicemen #GovernmentInitiative