बिहार विधानसभा के सातवें दिन की कार्यवाही शुरू होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह कानून-व्यवस्था और हालिया पुलिस एनकाउंटर को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेन्द्र ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य में अपराध के खिलाफ कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है, बल्कि इसे जातीय आधार पर संचालित किया जा रहा है।
भाई वीरेन्द्र ने कहा कि अपराध किसी एक जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होता, बल्कि हर वर्ग और समाज में आपराधिक तत्व पाए जाते हैं। इसके बावजूद सरकार एक खास जाति और समुदाय को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग स्वयं कुछ अपराधियों को संरक्षण देते हैं और बाद में चुनिंदा एनकाउंटर या कार्रवाई कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश करते हैं।
विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर की जा रही कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि सरकार वास्तव में अपराध के खिलाफ सख्त है तो उसे बिना भेदभाव सभी मामलों में समान कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
पटना मुठभेड़ के बाद तेज हुई बहस
इस पूरे विवाद के बीच पटना में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ हुई मुठभेड़ ने राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया है। इस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी सूर्या डॉन के पैर में गोली लगने की सूचना है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जबकि विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार के गठन के बाद यह दसवां पुलिस एनकाउंटर बताया जा रहा है। इसी आंकड़े को आधार बनाकर विपक्ष सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय “दिखावटी एनकाउंटर” के जरिए राजनीतिक छवि गढ़ने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, सत्तापक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। सरकार का दावा है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उनका कहना है कि किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय को निशाना बनाने का सवाल ही नहीं उठता, बल्कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
सियासत बनाम कानून-व्यवस्था
बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था हमेशा से एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। ऐसे में लगातार हो रहे एनकाउंटर और उस पर उठ रहे सवाल आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज कर सकते हैं। एक ओर सरकार अपराध पर सख्ती दिखाने की बात कर रही है, वहीं विपक्ष पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहा है।
फिलहाल, पटना मुठभेड़ और विधानसभा में उठे सवालों के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन चुका है। आने वाले सत्रों में इस पर और तीखी बहस होने की संभावना है।#BiharAssembly #RJD #BhaiVirendra #BiharEncounter #PatnaSTF #SuryaDon #BiharPolitics #LawAndOrder