नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। प्रस्ताव को लेकर संसद के भीतर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
यह स्थिति तब बनी जब विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के संचालन में निष्पक्षता का अभाव रहा है और विपक्षी दलों के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया गया। प्रस्ताव लाए जाने के बाद ओम बिरला ने स्वयं को कार्यवाही के संचालन से अलग कर लिया है।
विपक्ष के आरोप क्या हैं?
अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष की ओर से लोकसभा में कुछ अप्रत्याशित और विवादित कदम उठाए गए। साथ ही कांग्रेस सदस्यों के विरुद्ध तथ्यों से परे दावे किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस के जवाब के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में उपस्थित होने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इस संदर्भ में भी आपत्ति जताई गई है।
संसदीय परंपरा के अनुसार, यदि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विधिवत स्वीकार होता है, तो उस पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर कराई जाती है। ऐसे मामलों में सदन की अध्यक्षता प्रायः उपाध्यक्ष या नामित सदस्य करते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम संसद के भीतर बढ़ते टकराव और विपक्ष-सरकार के बीच तीखे मतभेदों को दर्शाता है। अब सभी की नजर 9 मार्च पर टिकी है, जब प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।#OmBirla #LokSabha #NoConfidenceMotion #ParliamentNews #IndianPolitics #Opposition