बिहार विधानसभा परिसर में सोमवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक भिड़ंत देखने को मिली। सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायकों ने दिवंगत नेता रामविलास पासवान के सम्मान के मुद्दे को लेकर विधानसभा पोर्टिको में प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस दौरान पार्टी नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल पर दलित नेताओं के योगदान को कमतर आंकने का आरोप लगाया।
लोजपा (रामविलास) के विधायकों ने पोस्टर और बैनर के साथ कहा कि रामविलास पासवान ने दलितों और वंचित तबकों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया, लेकिन राजद ने उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं दिया। पार्टी नेताओं ने इसे दलित अस्मिता से जुड़ा प्रश्न बताते हुए स्पष्ट किया कि पासवान की राजनीतिक विरासत की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वहीं, विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले राजद ने भी आक्रामक रुख अपनाया और आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य में 65 प्रतिशत नहीं, बल्कि 85 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए, ताकि पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और आदिवासी समुदायों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिल सके।
सोमवार को विधानसभा परिसर में हुए इस घटनाक्रम से राजनीतिक माहौल गरमा गया। दोनों पक्षों की बयानबाजी के बीच आगामी सत्र में इस मुद्दे के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।#BiharAssembly #LJPRamvilas #RamVilasPaswan #RJD #Reservation #BiharPolitics #DalitIssues