विवाह पर्व के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में देश-विदेश के 63 देवालयों से प्राप्त भेंट मध्याह्न भोग आरती के दौरान अर्पित की गई। मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर, मलेशिया और कोलंबो के प्रमुख मंदिरों सहित विभिन्न स्थानों से आए पूजित उपहार श्रद्धापूर्वक भगवान के श्रीचरणों में समर्पित किए गए। बाद में इन्हें प्रसाद स्वरूप श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।
भगवान श्रीविश्वेश्वर महादेव को देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, सिद्धपीठों, शक्तिपीठों तथा प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल और श्रद्धा-उपहार अर्पित करने की परंपरा इस वर्ष पहली बार प्रारंभ की गई है। इसे धार्मिक समन्वय और आध्यात्मिक एकता की विशेष पहल माना जा रहा है।
धाम स्थित श्री गंगेश्वर महादेव मंदिर का विशेष जलाभिषेक रामेश्वरम के कोडितीर्थम के पवित्र जल से संपन्न कराया गया। यह अभिषेक दक्षिण भारत के चिदंबरम मंदिर से पधारे पुजारी त्यागप्पा तथा रामेश्वरम मंदिर से आए स्वामीनाथन द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न तीर्थों के आध्यात्मिक संबंध को और सुदृढ़ करना है। श्रद्धालुओं ने इसे अनूठी धार्मिक परंपरा की शुरुआत बताते हुए उत्साह प्रकट किया।#KashiVishwanath #Varanasi #ReligiousCeremony #Jalabhishek #Rameswaram #HinduTradition #SpiritualIndia