भारत समेत पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। निजी क्षेत्र से लेकर सरकारी तंत्र तक, हर स्तर पर AI आधारित समाधानों का उपयोग बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में देश की राजधानी दिल्ली में AI Impact Summit 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों ने भाग लिया।
समिट के दौरान डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा प्रोसेसिंग और AI-ड्रिवन इकोसिस्टम को लेकर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI आधारित सेवाएं अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को प्रभावित करेंगी।
इस बीच देश की अग्रणी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने भारत में सबसे बड़ा डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना का संकेत दिया है। कंपनी का उद्देश्य भारत और वैश्विक बाजार, दोनों के लिए डिजिटल ग्रोथ के अगले चरण को मजबूती प्रदान करना है।
भारत बन रहा डेटा सेंटर हब
भारत तेजी से डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में देश की कुल डेटा सेंटर क्षमता लगभग 1.5 गीगावॉट आंकी गई है। इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2030 तक यह क्षमता 10 गीगावॉट से अधिक हो सकती है।
डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग, क्लाउड कंप्यूटिंग का विस्तार और AI आधारित एप्लिकेशन की तेज़ी से बढ़ती खपत इस वृद्धि के प्रमुख कारक माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बड़े स्तर पर निवेश और नीति समर्थन जारी रहा, तो भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्र के रूप में स्थापित हो सकता है।#AIImpactSummit2026
#ArtificialIntelligence
#TCS
#DataCenter
#DigitalIndia
#TechSummit
#IndiaTech
#AIIndia