हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के एक उपाधीक्षक समेत तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
30 लाख के बिल पास करने के बदले मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने एक ठेकेदार के 30 लाख रुपये के बिल को पास करने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई।
कार्रवाई के दौरान उपाधीक्षक कमलकांत को 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया, जबकि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) में कार्यरत कर्मचारी अशोक कुमार और बलजीत को 5-5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
ठेकेदार की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई ठेकेदार विशाल भारद्वाज की शिकायत के आधार पर की गई। एसीबी टीम ने योजना के तहत कार्यालय में छापेमारी की और जैसे ही आरोपियों ने रिश्वत की रकम ली, उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।
कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में डीआरओ चंद्रमोहन की मौजूदगी भी सुनिश्चित की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत बनाया जा सके।
जेब में रखे पैसे, मौके पर गिरफ्तारी
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, उपाधीक्षक कमलकांत ने रिश्वत की राशि लेकर उसे अपनी जेब में रख लिया था। इसी दौरान टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
प्रदेश में लगातार बढ़ रही कार्रवाई
फरवरी महीने में अब तक सोनीपत, करनाल, रोहतक और कैथल जिलों में कुल छह अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा जा चुका है। इससे पहले भी कई विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों में एसीबी सक्रिय कार्रवाई कर चुकी है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी के इंस्पेक्टर सूबे सिंह सैनी ने किया।
भ्रष्टाचार पर सख्ती के संकेत
लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों से साफ संकेत मिल रहा है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत इसकी शिकायत करें, ताकि ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रह सके।#Haryana #ACB #Bribery #Corruption #BreakingNews #IndiaNews