हरियाणा के औद्योगिक विकास को नई गति देते हुए मारुति सुजुकी की नई यूनिट में जल्द ही उत्पादन शुरू होने जा रहा है। आईएमटी खरखौदा स्थित इस प्लांट में अप्रैल 2026 से मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां आरंभ होंगी, जिससे राज्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
छह हजार करोड़ के निवेश से तैयार नई यूनिट
कंपनी ने इस नई इकाई में करीब 6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया है। इससे पहले फरवरी 2025 में इसी औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 9,413 करोड़ रुपये के निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत की गई थी। अब नई यूनिट के शुरू होने से उत्पादन क्षमता में और इजाफा होगा।
यह निवेश हरियाणा को देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई इकाई से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इलेक्ट्रिक सेक्टर में भी बढ़ रहा निवेश
ऑटोमोबाइल के साथ-साथ हरियाणा में इलेक्ट्रिक और ऊर्जा क्षेत्र में भी तेजी से निवेश बढ़ रहा है। आईएमटी सोहना में एटीएल बैटरी टेक्नोलॉजी द्वारा स्थापित दुनिया की सबसे बड़ी लिथियम-आयन बैटरी यूनिट की पहली इकाई में सितंबर 2025 से उत्पादन शुरू हो चुका है।
इस प्रोजेक्ट में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जो भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की योजना
राज्य सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। हरियाणा सरकार ने घोषणा की है कि दिसंबर 2027 तक सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जाएगी।
इस कदम का उद्देश्य ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाना, बिजली खर्च कम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। इससे राज्य में ग्रीन एनर्जी सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी।
औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों के अनुसार, मारुति सुजुकी की नई यूनिट, बैटरी निर्माण परियोजना और सौर ऊर्जा योजनाएं मिलकर हरियाणा को ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी का प्रमुख केंद्र बना सकती हैं।
राज्य में लगातार हो रहे बड़े निवेश यह संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में हरियाणा देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में और मजबूत भूमिका निभाएगा।#MarutiSuzuki #HaryanaIndustry #AutoSector #EVIndia #SolarEnergy #BusinessNews #IndustryUpdate