भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), जो कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी इकाई है, ने कोयले के बढ़ते स्टॉक को कम करने के लिए नई ई-ऑक्शन स्कीम लागू की है। इस पहल के तहत उपभोक्ताओं को कोयला उठाव पर नगद छूट (कैशबैक) देने की घोषणा की गई है।
कंपनी के अनुसार, यदि कोई उपभोक्ता 20 रैक कोयला उठाव करता है, तो उसे प्रति टन ₹200 तक की छूट दी जाएगी। इस स्कीम के तहत कुल कैशबैक राशि 1.60 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। एक रैक में लगभग 3500 टन कोयला सप्लाई किया जाता है, जिससे बड़े खरीदारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
स्टॉक कम करने का दबाव, ई-ऑक्शन पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी पर कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया की ओर से कोयला स्टॉक कम करने का दबाव बना हुआ है। इसी के तहत 26 फरवरी को ई-ऑक्शन की तिथि निर्धारित की गई है, जिसमें अधिक से अधिक खरीदारों को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।
यह स्कीम 10 रैक से लेकर 20 या उससे अधिक रैक के कोयला उठाव पर लागू होगी। विशेष रूप से रेल मार्ग से कोयला उठाने वाले उपभोक्ताओं को यह लाभ दिया जाएगा, जिससे रेल डिस्पैच को भी बढ़ावा मिलेगा।
मार्च 2026 तक लागू रहेगी योजना
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह छूट मार्च 2026 तक आयोजित ई-नीलामियों में सफल बोलीदाताओं को निर्धारित शर्तों के तहत दी जाएगी। एकल क्लस्टर के अंतर्गत एक ही नीलामी में कोयला बुक कर रेल रैक से उठाव करने वाले खरीदारों को उठाव की मात्रा के आधार पर प्रति टन नगद छूट मिलेगी।
यह ऑफर सभी ग्रेड के रॉ कोकिंग कोल पर लागू होगा, जिससे विभिन्न सेक्टर के उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है।
6.57 मिलियन टन से अधिक स्टॉक, प्रबंधन गंभीर
वर्तमान में BCCL के पास 6.57 मिलियन टन से अधिक कोयले का स्टॉक मौजूद है। इस बड़े स्टॉक को कम करने के लिए कंपनी प्रबंधन लगातार रणनीति बना रहा है। सेल्स विभाग की ओर से जारी पत्र में संभावित खरीदारों को इस स्कीम की जानकारी दी गई है।
CMD मनोज कुमार के नेतृत्व में फैसला
कंपनी के CMD मनोज कुमार के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय न केवल स्टॉक क्लियरेंस में मदद करेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर कोयला उपलब्ध कराने में भी सहायक साबित होगा।
कोयला क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के लिए यह स्कीम अपनी इन्वेंट्री बढ़ाने और लागत घटाने का एक बेहतर अवसर मानी जा रही है।