दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में एयर इंडिया विमान दुर्घटना से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया। याचिका में दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को कम महत्व देने की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने सिरे से अस्वीकार कर दिया।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि याचिका में की गई प्रार्थना “अत्यंत भ्रामक” है और विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को कम आंकने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने यह भी दोहराया कि तकनीकी और विशेषज्ञता से जुड़े मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए।
पीठ ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में विशेषज्ञों की भूमिका सर्वोपरि होती है और उनके कार्यक्षेत्र में दखल देना उचित नहीं है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विशेषज्ञों द्वारा की गई जांच और उनके निष्कर्षों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
यह मामला पिछले वर्ष 12 जून को अहमदाबाद में हुई भीषण विमान दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें करीब 270 लोगों की मौत हो गई थी। यह हादसा देश के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक माना जा रहा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर न देखा जाए और इसे कम महत्व दिया जाए। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट विशेषज्ञों द्वारा तैयार की जाती है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
अदालत के इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि विमान दुर्घटना जैसे संवेदनशील और तकनीकी मामलों में विशेषज्ञ एजेंसियों की जांच प्रक्रिया को ही प्राथमिक आधार माना जाएगा।#DelhiHighCourt #AirIndia #PlaneCrash #Ahmedabad #CourtOrder #BreakingNews #Judiciary #AviationNews