ओडिशा की बहुप्रतीक्षित कैपिटल रीजन रिंग रोड परियोजना अब धरातल पर उतरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत इस परियोजना के तीन प्रमुख पैकेजों के लिए टेंडर को अंतिम रूप दे दिया गया है और तीन निर्माण कंपनियों का चयन भी किया गया है।
करीब 110 किलोमीटर लंबी छह लेन की यह रिंग रोड खोरधा रामेश्वर–बिलिपाड़ा और गोविंदपुर–कटक टांगी को जोड़ेगी। परियोजना के पूरा होने से राजधानी क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और भुवनेश्वर तथा कटक के आसपास कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
प्रत्येक चरण पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये का खर्च आने की उम्मीद है। कार्य अगले वर्ष मार्च तक शुरू होने की संभावना है। भारत सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कुल 8,300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस राशि में भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग, वन स्वीकृतियां, वित्तीय प्रावधान और जीएसटी सहित सभी आवश्यक खर्च शामिल हैं। उन्होंने कहा कि तीनों पैकेजों के लिए एल-1 बोलीदाता की पहचान कर ली गई है।
वीरेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि प्रत्येक पैकेज लगभग 40 किलोमीटर का है और लगभग सभी शर्तें पूरी की जा चुकी हैं। भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिससे निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने का मार्ग तैयार हो गया है।
इस परियोजना से राजधानी क्षेत्र के विकास में गति आएगी और व्यापार, परिवहन और जनसंख्या केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।#Odisha #RingRoadProject #Bhubaneswar #RoadInfrastructure #NHAI #HybridAnnuityModel #CapitalRegion #ConstructionUpdate