गोरखपुर में रंगदारी मांगने और रुपये न देने पर जानलेवा फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी के सहयोगी अर्जुन वर्मा को पुलिस ने देवरिया से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को रविवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले की मुख्य आरोपी अंशिका सिंह पहले ही जेल में बंद है, जबकि एक अन्य फरार आरोपी बंटी वर्मा की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
20 जनवरी को हुई थी वारदात
यह पूरी घटना 20 जनवरी की बताई जा रही है। पीड़ित अस्पताल मैनेजर विशाल मिश्रा, जो सूबा बाजार क्षेत्र के निवासी हैं, से आरोपियों ने रंगदारी की मांग की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि अंशिका सिंह, जो हरपुर बुदहट की रहने वाली है, ने अपने साथियों अर्जुन वर्मा और बंटी वर्मा के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया।
टारगेट बनाकर की गई फायरिंग
रंगदारी की रकम न देने पर आरोपियों ने सिंघड़ियां मॉडल साहब के पास विशाल मिश्रा को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। फरार आरोपी बंटी वर्मा को पकड़ने के लिए कई टीमों को लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब खुलेआम रंगदारी और फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है, जिसमें आपराधिक नेटवर्क और पुराने विवादों की भी पड़ताल की जा रही है।#Gorakhpur #CrimeNews #FiringCase #UttarPradesh #BreakingNews #PoliceAction #Extortion #HindiNews