पश्चिम एशिया में ईरान और इज़रायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और हिंसक हालात के बीच उत्तर प्रदेश के वाराणसी से शांति, सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश सामने आया है।
यहां लमही स्थित सुभाष भवन में मुस्लिम महिला फाउंडेशन और विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में विशेष गुलालोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली का त्योहार मनाया और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
गुलाल और गीतों के बीच दिखी गंगा-जमुनी तहजीब
कार्यक्रम के दौरान ढोल की थाप पर होली गीत गूंजते रहे और महिलाओं ने हंसी-ठिठोली के साथ उत्सव का आनंद लिया। इस आयोजन में पारंपरिक रंगों के साथ भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी।
महिलाओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रेम, आपसी सम्मान और रिश्तों की मजबूती पर आधारित है। ऐसे त्योहार समाज को जोड़ने का काम करते हैं और दिलों के बीच की दूरियों को मिटाते हैं।
त्योहार बनते हैं सामाजिक एकता का आधार
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं का कहना था कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के माहौल में इस तरह के आयोजन लोगों को एकजुट करने और शांति का संदेश देने में अहम भूमिका निभाते हैं।#Varanasi #Holi2026 #CommunalHarmony #MuslimWomen #GangaJamuniTehzeeb #PeaceMessage