मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक समुद्री व्यापार पर साफ दिखाई देने लगा है। Iran में जारी संघर्ष और सैन्य गतिविधियों के चलते दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz की स्थिति गंभीर हो गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि इस मार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों और कंटेनर जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार United States और Israel की ओर से ईरान के ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने जवाबी रणनीति के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, जहां से प्रतिदिन भारी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का परिवहन होता है।
शिपिंग कंपनियों को बदलना पड़ा रूट
इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अपने जहाजों के मार्ग बदलने पड़े हैं। अब कई कंपनियां जहाजों को सीधे होर्मुज मार्ग से भेजने के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी छोर Cape of Good Hope के रास्ते लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचाने को मजबूर हैं।
इस वैकल्पिक मार्ग के कारण जहाजों के ट्रांजिट समय में करीब 12 से 15 दिनों तक की बढ़ोतरी हो रही है। इससे न केवल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है, बल्कि वैश्विक लॉजिस्टिक्स और व्यापार लागत पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
कंटेनर किराए में तेज उछाल
शिपिंग मार्गों में आई इस बाधा के चलते कंटेनर ट्रांसपोर्ट की लागत में भी तेज वृद्धि देखी जा रही है। लंबा मार्ग अपनाने से जहाजों की ईंधन लागत, परिचालन खर्च और डिलीवरी समय सभी बढ़ गए हैं। इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और माल ढुलाई दरों पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर और अधिक गंभीर हो सकता है। इससे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।#IranConflict #HormuzStrait #GlobalShipping #OilTrade #MiddleEastCrisis #ShippingIndustry #WorldTrade