सिरसा में खाना काश्त भूमि रजिस्ट्री साढ़े चार महीने से ठप, जमीन मालिक चक्कर काटने को मजबूर

जमीन खरीदने और बेचने में रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान करने के लिए सरकार की तरफ से इसे पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया और पोर्टल के माध्यम से ही रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कर दी।

जल्दबाजी के चक्कर में सरकार खाना काश्त यानि विशेष नंबर की रजिस्ट्री करने का आप्शन पोर्टल पर देना ही भूल गई। जिसका खामियाजा बीते साढ़े चार माह जमीन मालिक भुगत रहे है। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उन्हें जमीन बेचने व खरीदने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा।

एक नवंबर को हरियाणा सरकार की तरफ से रजिस्ट्री प्रक्रिया को आफलाइन की बजाए ऑनलाइन करने का ऐलान कर दिया गया। जिसके बाद करीब 10 से 12 दिनों तक रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह से ठप रही और डाटा पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी रही। सरकार की तरफ से खेवटों के सामान्य नंबर की रजिस्ट्रियों के संबंध में तो डाटा अपलोड कर दिया गया। लेकिन खाना काश्त जमीन की रजिस्ट्री के लिए पोर्टल पर आप्शन नहीं किया गया।

जिसके कारण जिलेभर की खाना काश्त की जमीन की रजिस्ट्री बीते चाढ़े चार माह से बंद पड़ी है। जमीन मालिक खाना काश्त की रजिस्ट्री न होने की शिकायतें लगातार अधिकारियों को दे रहे है। जिसके बाद दो माह पहले सरकार की तरफ से सभी जिलों से खाना काश्त की जमीन की रिपोर्ट मांगी गई है।करीब 15 दिन पहले संबंधित विभाग अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है। लेकिन अभी तक पोर्टल पर इसका डाटा अपलोड नहीं हो पाया। जिसके कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है और लोग बार-बार अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है।ऑनलाइन प्रक्रिया से पहले दी जमीन खरीदने के लिए राशि, अब अटकी रजिस्ट्री

सिरसा निवासी मुनीश कुमार, सतनाम सिंह, तारा चंद ने बताया कि आफलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान उन्होंने जमीन खरीदने के लिए अग्रिम राशि दे दी। लेकिन कुछ समय बाद ही रजिस्ट्री प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई। अग्रिम राशि देने के साथ ही जमीन की रजिस्ट्री करवाने की तिथि भी तय हो गई।

लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर खाना काश्त जमीन बेचने व खरीदने का कोई आप्शन न आने से रजिस्ट्री प्रक्रिया भी अटकी हुई है। सतनाम सिंह ने बताया कि उन्होंने दूसरी जगह पर जमीन खरीदने के लिए जमीन बेची थी।

खाना काश्त की रजिस्ट्री प्रक्रिया अटी होने के कारण जमीन क्रेता भी उन्हें पूरी राशि नहीं दे रहा है। जिसके कारण वह दूसरे विक्रेता को राशि नहीं दे पा रहा। इसके कारण परेशानी बढ़ी हुई है। बता दें कि अब सरकार की तरफ से खाना काश्त के आप्शन को खत्म कर उन्हें चार नंबर कालम में शामिल किए जाने की तैयारी कर रही है।

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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