RSS Celebrates Indian New Year in Dhanbad:चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और भारतीय नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से गुरुवार को धनबाद पालीटेक्निक ग्राउंड में बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर पूर्व क्षेत्र शारीरिक प्रशिक्षण प्रमुख मनोज ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए पंच परिवर्तन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आह्वान किया।
उन्होंने हिंदू संस्कृति की वैज्ञानिकता, गौरवशाली इतिहास और भविष्य के संकल्पों पर प्रकाश डाला। उत्तर पूर्व क्षेत्र शारीरिक प्रशिक्षण प्रमुख ने कहा कि भारतीय नववर्ष केवल कैलेंडर बदलना नहीं, एक नई चेतना का संचार है।
उन्होंने विक्रमी संवत की महत्ता बताई। कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को पराजित कर इसकी स्थापना की थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक जनवरी के साथ कोई ऐतिहासिक या आध्यात्मिक कारण नहीं जुड़ा है, जबकि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भगवान राम के राज्याभिषेक, स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म और डा. हेडगेवार के जन्मदिवस जैसे अहम प्रसंगों से जुड़ी है। वक्ता ने संघ की दो मुख्य परंपरराओं गुरु दक्षिणा और आद्य सरसंघचालक प्रणाम का उल्लेख किया। उन्होंने इसे स्वयंसेवक की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया और सभी स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी शाखाओं पर जाकर आद्य सरसंघचालक डा. हेडगेवार को नमन करें और उनके जीवन प्रसंगों पर चर्चा करें।