गाजियाबाद में समय पर रोडवेज बसों का संचालन करने में ‘फेल’ अधिकारी, यात्रियों को करना पड़ रहा घंटों इंतजार

 यात्रियों को भटकना न पड़े इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने ट्रेन की तर्ज पर ही गाजियाबाद रीजन के सभी डिपो से प्रत्येक बस के संचालन व स्टाप पर पहुंचने का समय निर्धारित कराया था।

इसे मुख्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया था, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष बाद भी इसका पालन करने में अधिकारी फेल साबित हो रहे हैं। इससे यात्रियों को अभी भी समय पर बस नहीं मिल पा रही है। कई बार घंटों बस का इंतजार करना पड़ रहा है।चालक-परिचालकों ने किया था विरोध

यूपीएसआरटीसी ने सितंबर 2024 में योजना बनाई थी कि ट्रेनों की तरह ही प्रत्येक रूट पर संचालित बसों की संख्या, प्रत्येक स्टैंड पर बस के पहुंचने का समय, बस का प्रकार, बस नंबर समेत पूरी जानकारी रहेगी। इससे यात्रियों को बस अड्डा व स्टैंड पर बस का इंतजार न करना पड़े। शुरुआत में ही अनुबंधित बस मालिकों और निगम की बसों पर तैनात चालक-परिचालकों ने इसका विरोध किया था।उस दौरान अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की थी। ईटीएम मशीनों (इलेक्ट्रानिक टिकट मशीन) में भी बसों का समय अपलोड किया गया। कौशांबी डिपो पर कानपुर जाने के लिए बस के इंतजार में बैठे रजत श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने आनलाइन टिकट बुक किया था। समय के अनुसार दो बजे बस मिलनी थी, लेकिन एक घंटा अधिक हो चुका है। अभी कोई बस नहीं है।

वहीं, मथुरा जा रहीं मोहिनी कुमार ने बताया कि करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। पूछने पर 20 मिनट बोला था, लेकिन अभी तक बस नहीं चली है। परिवहन निगम के एक अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि इस योजना को सफल बनाना संभव नहीं है। एक तरफ लोड फेक्टर (निर्धारित यात्री) पूरा करना होता है, दूसरी ओर समय पर बस चलाने के आदेश दिए गए हैं। अगर यात्री ही नहीं होंगे तो बसों का नियत समय पर संचालन करना संभव ही नहीं है।

कई रूटों पर दो से तीन घंटे इंतजार के बाद भी नहीं मिलती बस

दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से सटे कौशांबी बस अड्डे से प्रदेशभर के शहरों के लिए बसों का संचालन होता है। लंबे रूटों पर कई बार यात्रियों को दो से तीन घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ता है। जबकि अधिकारी उस रूट पर कई बस संचालित होने के दावे भी करते हैं। शनिवार को भी एटा जाने वाले यात्री वीएन गुप्ता अपने परिवार के साथ करीब डेढ़ घंटे से बस का इंतजार करते मिले। ऐसे तमाम रूट हैं जिन पर यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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