JEE, NEET और NDA तीनों परीक्षा पास कर बने सेना के अफसर, मथुरा के प्रिंस कुमार की प्रेरणादायक कहानी

देश की सेवा का जज्बा जब जुनून बन जाए तो बड़ी से बड़ी उपलब्धियां भी छोटी लगने लगती हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी प्रिंस कुमार कुशवाह ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने एक साथ देश की तीन प्रतिष्ठित परीक्षाएं—जेईई (JEE), नीट (NEET) और एनडीए (NDA)—उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बावजूद उन्होंने इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे आकर्षक करियर विकल्पों को छोड़कर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का रास्ता चुना।

प्रिंस कुमार ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के माध्यम से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया और आगे चलकर भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में प्रवेश हासिल किया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल हो गए हैं।

सैन्य परिवार से मिली प्रेरणा

प्रिंस का परिवार लंबे समय से सेना से जुड़ा रहा है। उनके पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी बहन वर्तमान में सैन्य अधिकारी के रूप में देश की सेवा कर रही हैं। ऐसे माहौल में पले-बढ़े प्रिंस के मन में भी बचपन से वर्दी पहनने और देश सेवा करने का सपना था।

हालांकि परिवार की ओर से उन पर सेना में जाने का कोई दबाव नहीं था। जेईई और नीट जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता मिलने के बाद उनके सामने इंजीनियर और डॉक्टर बनने के अवसर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अपने दिल की आवाज सुनते हुए सेना को प्राथमिकता दी।

कठिन परिश्रम से हासिल किया मुकाम

प्रिंस की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने यह साबित किया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और समर्पण के साथ तैयारी की जाए तो एक साथ कई बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है।

आईएमए से पास आउट होने के बाद अब वह अपने परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में देश की सेवा करेंगे।

आर्यन गिल भी बने सैन्य अधिकारी

वहीं पंजाब के अमृतसर निवासी आर्यन गिल ने भी सैन्य अधिकारी बनकर अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया है। संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा के माध्यम से आईएमए पहुंचे आर्यन अब भारतीय सेना का हिस्सा बन चुके हैं।

आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। उनके पिता मंजीत सिंह गिल तटरक्षक बल में डीआईजी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता रूपाली गृहिणी हैं।

अनुशासन और देशप्रेम ने दिलाई सफलता

आर्यन का कहना है कि उन्हें बचपन से ही अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत की सीख अपने माता-पिता से मिली। पिता की वर्दी और देश सेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें भी सेना में जाने के लिए प्रेरित किया।

उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और देशप्रेम के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। प्रिंस कुमार और आर्यन गिल जैसे युवा आज देशभर के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।#IndianArmy #NDASuccess #JEE #NEET #Lieutenant #SuccessStory #MathuraNews #DefenceNews #IndianArmyOfficer #Inspiration #YouthSuccess #IMA #CDS #ArmyLife #MotivationalStory

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