कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 22 साल की भवानी की संदिग्ध मौत के मामले में उसके प्रेमी चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों ने एक साल पहले गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी और इसका राज भवानी की इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए खुला।
यह घटना शनिवार को ब्यादाराहल्ली पुलिस स्टेशन इलाके में जी होसाहल्ली रोड पर हुई। मृतक भवानी तुलसी नगर में रहती थी और मूल रूप से बेंगलुरु दक्षिण जिले के मगदी की रहने वाली थी। वह टिगलारापाल्या में एक मोबाइल फोन की दुकान पर बिलिंग एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करती थीं। आरोपी चंद्रशेखर एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर है।इंस्टाग्राम स्टोरी से खुला राज
पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह भवानी की मौसी ने उसकी मां को फोन करके बताया कि भवानी ने एक लड़के के साथ इंस्टाग्राम स्टोरी पोस्ट की है। उस फोटो के बारे में पूछने के लिए उसके पिता श्रीनिवास एन ने सुबह करीब 7:30 बजे उसे फोन किया।कई बार कॉल करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। फिर उन्होंने मकान मालिक से संपर्क किया और उनसे उसे देखने के लिए कहा। मकान मालिक ने श्रीनिवास को बताया कि घर के अंदर कोई मौजूद लग रहा था।
हालांकि, बार-बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद किसी ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने भवानी को मृत पाया, जबकि चंद्रशेखर बेहोश था लेकिन उनकी सांसें चल रही थीं। पुलिस ने बताया कि उन्हें पास के अस्पताल में ले जाया गया।
घर में आ रही था जहरीले पदार्थ की तेज गंध
पुलिस ने बताया कि घर में किसी जहरीले पदार्थ की तेज गंध आ रही थी। भवानी और चंद्रशेखर दोनों के शरीर से भी वैसी ही गंध आ रही थी। इलाज के बाद चंद्रशेखर को पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
गुपचुप कर ली थी शादी
जांच में पता चला कि चंद्रशेखर और भवानी ने एक साल पहले गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी और वे किसी को बताए बिना साथ रह रहे थे। हाल ही में भवानी को पता चला कि चंद्रशेखर पहले से शादीशुदा था और उनका छह साल का एक बच्चा भी है।
इस बात का पता चलने पर दुखी होकर उसने अपने परिवार को पूरी स्थिति बताई। उसके माता-पिता ने उसके लिए एक दूल्हा भी ढूंढ लिया था और उसकी सगाई की तैयारियां चल रही थीं, जो अगले हफ्ते होनी थी।
यह बात पता चलने के बाद शनिवार को चंद्रशेखर उसके घर आया और उसकी उससे बहस हुई। उसने कथित तौर पर उससे कहा, “मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता। या तो हम साथ जिएंगे या साथ मरेंगे।” पुलिस का दावा है कि दोनों ने साथ मरने के लिए जहर पिया था और जब भवानी की जान नहीं गई तो चंद्रशेखर ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी।







