प्रखंड क्षेत्र के किसान अपनी आय दोगुनी करने के उद्देश्य से पारंपरिक खेती के साथ अब नकदी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में पुरैनी मुख्यालय निवासी किसान विजय कुमार मेहता ने पपीता की खेती कर अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
कम लागत व कम समय में उत्पादन एवं सालभर स्थानीय बाजार से लेकर बाहर के बड़े बाजारों में मांग होने के कारण पपीता की खेती काफी लाभदायक साबित हो रही है।
पपीता की खेती से किसानों को फलों की बिक्री से लागत से दोगुना आमदनी:
पपीता की खेती से किसानों को फलों की बिक्री से लागत से दोगुना आमदनी प्राप्त होती है। इसके अलावा पौधों की नर्सरी तैयार करने से भी अतिरिक्त आमदनी होती है। यही वजह है कि पपीता की खेती से किसानों को दोहरी कमाई का अवसर मिलता है।एक एकड़ में पपीता की खेती से लाखों रुपये तक का उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इसकी देखभाल एवं रखरखाव अन्य फसलों की तुलना में अपेक्षाकृत आसान होता है।16 रुपये प्रति पौधा की दर से खरीदे थे लोकल किस्म के 1200 पौधे:
मुख्यालय पंचायत पुरैनी के वार्ड नंबर 11 निवासी प्रगतिशील किसान विजय कुमार मेहता ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष एक बीघा की रकबा में पपीता की खेती शुरू की। उन्होंने नवगछिया के एक नर्सरी से लोकल किस्म के 16 रुपये प्रति पौधा की दर से 1200 पौधे खरीदे थे।






