लखनऊ अग्निकांड के बाद भी पाकुड़ के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा इंतजाम नदारद, छात्रों की जान जोखिम में
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग में विद्यार्थियों की मौत और कई छात्रों के झुलसने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे के बाद शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इसके बावजूद झारखंड के पाकुड़ जिले में संचालित अधिकांश कोचिंग और ट्यूशन सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था अब भी भगवान भरोसे बनी हुई है।
जिले में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इनमें से कई संस्थानों में बुनियादी सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हैं।
दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया है कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक संचालित अधिकांश कोचिंग संस्थानों में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र तक नहीं लगाए गए हैं, जबकि आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था भी नदारद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बहुमंजिला इमारतों और संकरी गलियों में संचालित कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी की जा रही है, जो भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से जिले के सभी कोचिंग और ट्यूशन सेंटरों की सुरक्षा जांच कराने तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
लखनऊ की घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कदम उठाएगा।#Pakur #FireSafety #CoachingCenter #LucknowFire #StudentSafety #JharkhandNews #EducationNews #FireDepartment #CoachingInstitute #BreakingNews #HindiNews #LatestNews #SafetyAudit #FireNOC #Education



