Jharkhand High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि भांग (कैनबिस) को Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थ की श्रेणी में नहीं रखा गया है। अदालत ने कहा कि इस कानून के अंतर्गत भांग रखने या उससे संबंधित मामलों में दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान लागू नहीं होता।
यह फैसला Justice Pradeep Kumar Srivastava की अदालत ने सुनाया। न्यायालय ने इस मामले में सुनील सिंह द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया।
अदालत ने अपने आदेश में सुनील सिंह को सुनाई गई सात वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने माना कि जिस पदार्थ को लेकर मामला दर्ज किया गया था, वह एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित पदार्थ की श्रेणी में नहीं आता।
इस फैसले को कानूनी विशेषज्ञ एनडीपीएस कानून की व्याख्या से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में इस प्रकार के मामलों में यह फैसला एक अहम संदर्भ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।#JharkhandHighCourt #NDPSAct #CannabisLaw #BhangCase #LegalNews #CourtDecision #JharkhandNews #IndiaLaw #Judiciary #BreakingNews