पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में संजू सैमसन को भारतीय प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि इतने कम मैचों के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना समझ से परे है।
भारतीय टीम प्रबंधन ने दूसरे टी20 मुकाबले में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) का मौका दिया। युवा खिलाड़ी के चयन को भविष्य की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन सैमसन को बाहर करने के फैसले ने क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा छेड़ दी है।
संजू सैमसन हाल ही में भारत की टी20 विश्व कप 2026 जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं। पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था।
हालांकि, विश्व कप के बाद खेली गई तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में संजू का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने क्रमशः 5, 0 और 1 रन बनाए, जिसके बाद टीम प्रबंधन ने उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला किया।
संजय मांजरेकर का मानना है कि किसी खिलाड़ी के हालिया योगदान और बड़े टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन को भी चयन प्रक्रिया में महत्व दिया जाना चाहिए। उनका संकेत था कि केवल तीन असफल पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना जल्दबाजी का फैसला माना जा सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन आगामी मुकाबलों में संजू सैमसन को दोबारा मौका देता है या युवा खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखता है।#SanjuSamson #SanjayManjrekar #TeamIndia #INDvsENG #T20I #CricketNews #VaibhavSuryavanshi #HindiNews