विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की खनिज व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद झारखंड नीतिगत कमियों, प्रशासनिक उदासीनता और पारदर्शिता के अभाव के कारण गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के कुल खनिज संसाधनों का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा झारखंड में मौजूद है, इसके बावजूद राज्य खनन राजस्व, खनिज उत्पादन, रोजगार सृजन और नई खदानों की नीलामी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार पिछड़ रहा है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं और अर्थव्यवस्था के हितों के साथ अन्याय बताया।
गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मरांडी ने चाईबासा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कई खदानों की लीज अवधि समाप्त होने के बाद भी उनका नवीनीकरण नहीं किया गया और न ही दोबारा नीलामी की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके कारण खनन गतिविधियों पर असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि चाईबासा का जामदा बाजार, जो कभी व्यापार और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, आज आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है। मरांडी ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और स्पष्ट नीति के अभाव ने राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।JharkhandNews #BabulalMarandi #JharkhandPolitics #MiningIssue #JharkhandEconomy #PoliticalNews



