वैवाहिक विवाद में पति के नियोक्ता को शिकायत भेजने पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता, मेंटेनेंस पर पड़ सकता है असर

वैवाहिक विवादों के दौरान पति के नियोक्ता को शिकायत भेजने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि इस तरह की शिकायतों से पति की नौकरी पर खतरा पैदा हो सकता है, जिसका सीधा असर भविष्य में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) से जुड़े दावों पर भी पड़ सकता है।

यह टिप्पणी जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने पिछले सप्ताह एक ट्रांसफर याचिका की सुनवाई के दौरान की। अदालत ने कहा कि वैवाहिक विवादों में ऐसे कदम उठाने के संभावित परिणामों पर भी विचार किया जाना चाहिए।

मानहानि मामले के ट्रांसफर की मांग पर हुई सुनवाई

मामला एक महिला की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका से जुड़ा है। महिला ने अपने पति के एक मित्र द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे को असम से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थानांतरित करने की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि वैवाहिक विवाद के बीच पति के नियोक्ता को शिकायत भेजने जैसी कार्रवाई से उसकी नौकरी प्रभावित हो सकती है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि नौकरी पर प्रतिकूल असर पड़ता है, तो इसका प्रभाव भरण-पोषण संबंधी दावों पर भी पड़ सकता है।#SupremeCourt #MaintenanceCase #MarriageDispute #LegalNews #CourtUpdate #IndiaNews

Leave a Comment

शहर चुनें