पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में उत्तरी वन प्रमंडल ने कुंदा प्रखंड में एक अत्याधुनिक पौधशाला विकसित की है। इस पौधशाला में करीब 50 हजार देशी एवं बहुउपयोगी पौधों का भंडारण किया गया है, जिनका उपयोग बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियानों में किया जाएगा।
वन विभाग के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में पौधारोपण को बढ़ावा देना, वनावरण का विस्तार करना तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है। विभाग का मानना है कि अधिक संख्या में पौधे उपलब्ध होने से हरित अभियान को गति मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
उत्तरी वन प्रमंडल पदाधिकारी ने बताया कि पौधशाला में फलदार, छायादार, औषधीय और इमारती प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें विशेष रूप से स्थानीय जलवायु के अनुकूल देशी प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक रहे और क्षेत्र की प्राकृतिक जैव विविधता का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।
वन विभाग का कहना है कि स्थानीय प्रजातियों के पौधों के उपयोग से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ेगी, मिट्टी संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
अधिकारियों ने लोगों से पौधारोपण अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की है। विभाग का मानना है कि जनसहभागिता के बिना हरित अभियान को स्थायी सफलता नहीं मिल सकती।#Environment #TreePlantation #Kunda #ForestDepartment #GreenIndia #Afforestation #ClimateAction #Nature #JharkhandNews #HindiNews








