नीट पेपर लीक के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की घटना के बाद तैयार की गई विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कार्रवाई के दौरान सभी निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) और दंगा-रोधी दिशानिर्देशों का पालन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, हालात को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन जैसे गैर-घातक (Non-Lethal) साधनों का इस्तेमाल भी अधिकृत प्रक्रिया के तहत किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीआरपीएफ ने अपनी एंटी-रायट यूनिट रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा में यह निष्कर्ष सामने आया कि बल प्रयोग के दौरान निर्धारित फोर्स ग्रेडिएंट का पालन किया गया और स्थिति के अनुसार चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सबसे पहले सार्वजनिक उद्घोषणा (Public Announcement) के माध्यम से चेतावनी दी गई। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसे अपेक्षाकृत कम तीव्रता वाले उपाय अपनाए गए। जब इन उपायों से स्थिति सामान्य नहीं हुई, तब पंप एक्शन गन का उपयोग किया गया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पैलेट गन सहित अन्य गैर-घातक उपकरणों का इस्तेमाल अधिकृत प्रोटोकॉल के अनुरूप किया गया। सीआरपीएफ का दावा है कि पूरी कार्रवाई के दौरान निर्धारित दंगा-रोधी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया गया।
गौरतलब है कि 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद तैयार की गई सीआरपीएफ की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में बल प्रयोग की प्रक्रिया और उसके औचित्य का आकलन प्रस्तुत किया गया है।#NEETProtest #CRPF #RAF #PaperLeak #PoliceAction #SOP #IndiaNews #BreakingNews #NEET2026 #LawAndOrder