हवाई जहाज या ट्रेन में यात्रा करते समय अधिकांश लोग विंडो सीट को प्राथमिकता देते हैं। ट्रेन और बसों की खिड़कियां आमतौर पर चौकोर या आयताकार होती हैं, लेकिन यदि आपने कभी विमान में सफर किया हो तो एक बात जरूर नोटिस की होगी कि उसकी खिड़कियां पूरी तरह चौकोर नहीं, बल्कि गोल किनारों वाली यानी ओवल आकार की होती हैं। आखिर इसके पीछे क्या कारण है? इसका जवाब विमान की सुरक्षा और इंजीनियरिंग से जुड़ा हुआ है।
यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है डिजाइन
विमान की खिड़कियों को ओवल या गोल किनारों वाला बनाने का सबसे बड़ा कारण सुरक्षा है। विमान जब हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ता है, तब उसके बाहर का वायु दबाव (एयर प्रेशर) जमीन की तुलना में काफी कम होता है, जबकि विमान के अंदर कृत्रिम रूप से दबाव बनाए रखा जाता है। इस कारण विमान के ढांचे पर लगातार दबाव पड़ता है।
यदि खिड़कियां पूरी तरह चौकोर बनाई जाएं, तो उनके कोनों पर दबाव अधिक केंद्रित होता है। इससे धातु में दरार पड़ने या संरचना कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है। इसके विपरीत, गोल या ओवल आकार की खिड़कियां दबाव को समान रूप से वितरित करती हैं, जिससे विमान का ढांचा अधिक मजबूत और सुरक्षित बना रहता है।
इसी वजह से आधुनिक विमानों में अपनाया जाता है यह डिजाइन
विमान निर्माण कंपनियां सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लगभग सभी आधुनिक विमानों में गोल किनारों वाली खिड़कियों का उपयोग करती हैं। यह डिजाइन न केवल विमान की मजबूती बढ़ाता है, बल्कि लंबे समय तक लगातार उड़ान के दौरान संरचनात्मक तनाव (Structural Stress) को भी कम करने में मदद करता है। यही कारण है कि आज लगभग हर कमर्शियल विमान में ओवल या गोलाकार किनारों वाली खिड़कियां देखने को मिलती हैं।#Airplane #Aviation #ScienceFacts #AirTravel #Flight #InterestingFacts #Aircraft #Technology #Knowledge #HindiNews