पूर्वी हिमालय की गोद में स्थित अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत ग्लॉव झील (Glaw Lake) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और पारिस्थितिक महत्व के कारण इस झील को भारत की 101वीं रामसर साइट घोषित किया गया है। इसके साथ ही यह सम्मान पाने वाला अरुणाचल प्रदेश का पहला आर्द्रभूमि (वेटलैंड) क्षेत्र भी बन गया है।
ग्लॉव झील लंबे समय से ट्रेकिंग और प्रकृति प्रेमियों के बीच एक आकर्षक पर्यटन स्थल रही है। घने जंगलों से घिरी यह झील अपनी शांत प्राकृतिक छटा, दुर्लभ वनस्पतियों और विविध वन्यजीवों के लिए जानी जाती है। अब रामसर साइट का दर्जा मिलने से इसकी वैश्विक पहचान और भी मजबूत होगी।
रामसर मान्यता किसी आर्द्रभूमि के अंतरराष्ट्रीय पारिस्थितिक महत्व को दर्शाती है। इस सम्मान के बाद ग्लॉव झील के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और सतत पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से पूर्वी हिमालय के इस संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही, राज्य के इस अपेक्षाकृत कम चर्चित पर्यटन स्थल की ओर देश-विदेश के पर्यटकों और प्रकृति शोधकर्ताओं का ध्यान भी आकर्षित होगा।
घने वनों, समृद्ध वन्यजीवों और स्थानीय लोककथाओं से समृद्ध ग्लॉव झील अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण स्थल बन गई है।#GlawLake #RamsarSite #ArunachalPradesh #Wetlands #Environment #Biodiversity #EcoTourism #India #HindiNews #NatureNews