नव वर्ष के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एक नए स्वरूप में लागू होने जा रहा है। अब यह योजना विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन गारंटी (VBGRMG) के नाम से जानी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल के तहत ग्रामीण श्रमिकों को मिलने वाले रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है।
नए VBGRMG ढांचे के तहत कानून में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके अनुसार कृषि कार्यों के दौरान—विशेष रूप से बुआई और कटाई के समय—अधिकतम 60 दिनों तक कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है, ताकि कृषि गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
योजना में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी, GIS तकनीक और आईटी आधारित टूल्स के माध्यम से कार्यों की निगरानी की जाएगी। इससे फर्जी हाजिरी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं और असाधारण परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्यों के लिए विशेष छूट का प्रावधान भी किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ते का अनिवार्य भुगतान किया जाएगा।
डीसी मनरेगा सुशांत सिंह ने जानकारी दी कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में ग्रामीणों, मजदूरों, महिलाओं, अनुसूचित जाति–जनजाति परिवारों और अन्य कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब पात्र लाभार्थियों को 125 दिन तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि कृषि सत्र के दौरान कार्य बंद रहेगा।#Manrega #VBGRMG #RuralEmployment #PMModi #GovernmentScheme #GramPanchayat #RuralIndia #EmploymentGuarantee