जिले के पोस्टमार्टम हाउस में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की अनुपस्थिति के चलते व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं। स्थिति यह रही कि 17 शव घंटों तक पोस्टमार्टम के इंतजार में रखे रहे, जबकि मृतकों के स्वजन बदहवास होकर इधर-उधर भटकते नजर आए।
जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम हाउस में डॉक्टरों की ड्यूटी सुबह 10 बजे से निर्धारित थी, लेकिन इसके बावजूद दोपहर डेढ़ बजे तक एक भी डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान शवों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई और परिजन पोस्टमार्टम प्रभारी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर रहे।
घंटों इंतजार के बाद भी कोई समाधान न मिलने से नाराज स्वजनों ने मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से की। शिकायत के बाद सीएमओ ने पोस्टमार्टम प्रभारी से डॉक्टरों की गैरहाजिरी को लेकर जानकारी मांगी, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी।
ड्यूटी डॉक्टरों की इस लापरवाही के कारण न केवल मृतकों के अंतिम संस्कार में देरी हुई, बल्कि पहले से शोक में डूबे परिजनों की पीड़ा और बढ़ गई। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्यशैली ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग उठ रही है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता जताई जा रही है। PostmortemHouse
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