जैसे-जैसे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, वैसे-वैसे ठंड का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर दिखाई देने लगा है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता, थोड़ी-सी लापरवाही और उचित देखभाल के अभाव में यह मौसम गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है, क्योंकि समय रहते बरती गई सावधानी कई जिंदगियों को सुरक्षित रख सकती है। ठंड अब महज मौसम नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी बन चुकी है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
स्कूलों में 6 जनवरी तक पठन-पाठन स्थगित
बढ़ती ठंड और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ कोचिंग संस्थानों में कक्षा 1 से 8 तक का पठन-पाठन 6 जनवरी तक स्थगित कर दिया गया है। यह आदेश बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर संबंधित आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 6 जनवरी तक प्राथमिक और मध्य विद्यालयों सहित सभी कोचिंग संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। हालांकि, इस दौरान शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की विद्यालयों में उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।#ColdWave #SchoolClosed #WinterAlert #StudentSafety #EducationNews #LocalNews