पति के कथित अवैध संबंधों से परेशान होकर आत्महत्या करने के मामले में हाई कोर्ट ने पीड़ित पक्ष की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अवैध संबंध नैतिक रूप से गलत हो सकते हैं, लेकिन जब तक आत्महत्या और पति की कार्रवाई के बीच सीधा और स्पष्ट संबंध साबित न हो, तब तक भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत दोषी ठहराना संभव नहीं है।
साथ ही, ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील भी हाई कोर्ट में खारिज कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, कुंती की शादी 2011 में रवि कुमार गायकवाड से हुई थी। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि पति द्वारा संतान नहीं होने, कम दहेज, और अशिक्षित होने के कारण उन्हें प्रताड़ित किया गया। इसके अलावा, पति के कथित एक महिला मित्र के साथ अवैध संबंध होने की भी बात सामने आई थी।
हाई कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हो गया कि व्यक्तिगत और नैतिक त्रासदियों को कानूनी आधार पर आत्महत्या का कारण ठहराना तभी संभव है जब पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हों। न्यायविदों का कहना है कि यह निर्णय भारतीय कानून में धारा 306 के दायरे और साक्ष्य की आवश्यकता को स्पष्ट करता है।#HighCourt #IPC306 #WifeSuicide #IllegalRelationship #LegalNews #IndianJudiciary #RaviKumarGaikwad #MaritalDispute #CourtVerdict #FamilyLaw