राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में संचालित टाइगर सफारी को लेकर अब प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठने लगे हैं। सफारी संचालन के लिए जिन जिप्सियों को अनुमति प्रदान की गई है, उनमें से चार वाहनों के पंजीकरण और पते को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चार जिप्सी स्वामियों ने पर्यटकों को सफारी कराने की अनुमति हासिल करने के लिए अपने दस्तावेजों में चीला कालोनी का पता दर्ज कराया। इन वाहन स्वामियों ने आधार कार्ड में अंकित पते को स्थायी निवास के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे टाइगर रिजर्व निदेशक कार्यालय ने सत्यापन के आधार पर मान्य मान लिया।
हालांकि, मामले में नया मोड़ तब आया जब चीला कालोनी के नियंत्रण कार्यालय—अधिशासी अभियंता (अनुरक्षण), चीला विद्युत गृह—ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्तियों का कालोनी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। कार्यालय की ओर से ऐसे किसी भी व्यक्ति के वहां निवास या संबद्धता से इनकार किया गया है।
यह पूरा मामला सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी में सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार जैन द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर यह तथ्य उजागर हुआ कि पते के सत्यापन की प्रक्रिया में संभवतः पर्याप्त जांच-पड़ताल नहीं की गई।
मामले ने अब कई प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या सफारी संचालन के लिए दी गई अनुमति से पहले स्थायी पते की स्वतंत्र पुष्टि की गई थी? यदि नहीं, तो क्या नियमों में शिथिलता बरती गई? और यदि दस्तावेजों के आधार पर अनुमति दी गई, तो संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी क्यों रही?
टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील संरक्षित क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के लिए वाहनों को अनुमति देने की प्रक्रिया आमतौर पर कड़े नियमों के तहत होती है। ऐसे में पते और दस्तावेजों की सत्यता पर उठे सवाल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बल्कि पूरी अनुमति प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।
फिलहाल इस प्रकरण में टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, आरटीआई खुलासे के बाद मामले की जांच और अनुमति प्रक्रिया की समीक्षा की मांग उठने लगी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या अनुमति प्रक्रिया में संशोधन या पुनः सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जाती है।#RajajiTigerReserve #TigerSafari #RTIRevelation #ChillaRange #WildlifeTourism #UttarakhandNews #JeepRegistration #ForestDepartment