हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि उपज विपणन (एपीएससी) बोर्ड की ओर से हाल ही में नौ लग्जरी गाड़ियों (टॉप मॉडल स्कॉर्पियो-इन) खरीदी गई हैं, जिन्हें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एपीएमसी चेयरमैन के लिए आवंटित किया गया है। इन वाहनों की ऑन-रोड कीमत 16 से 24 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है।
हालांकि, इस खरीद को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। नियमों के अनुसार, एपीएमसी चेयरमैन सरकारी वाहनों के लिए पात्र नहीं हैं। उनके लिए वाहन केवल सरकारी बैठकों और मंडियों के निरीक्षण के दौरान ही उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके स्थान पर उन्हें यात्रा भत्ता देने का प्रावधान है।
स्कॉर्पियो गाड़ी हादसा
नई खरीदी गई एक स्कॉर्पियो गाड़ी चंबा ले जाते समय हादसे का शिकार हो गई। यह गाड़ी एक ऑल्टो कार के साथ टकरा गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना में कोई जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन वाहन के साथ हुए नुकसान ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
वित्तीय संकट के बीच विवाद
हिमाचल प्रदेश में आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) बंद होने के कारण वित्तीय संकट की चर्चा है। ऐसे समय में नई लग्जरी गाड़ियों की खरीद पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आलोचकों का कहना है कि वित्तीय संकट के बीच यह कदम न केवल अनुचित है, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के सिद्धांतों के खिलाफ भी माना जा रहा है।
सरकार और एपीएमसी बोर्ड ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जबकि विपक्ष और स्थानीय स्तर पर इस खरीद को लेकर चर्चा तेज है।
वित्तीय पारदर्शिता और नियमों के पालन के सवालों के बीच यह मामला आगामी दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का केंद्र बन सकता है।#HimachalAPMC #LuxuryCars #ScorpioAccident #APMCChairman #FinancialCrisis #RDG #PublicFund #HimachalNews