विधान परिषद में बुधवार को विकास प्राधिकरणों में कथित भ्रष्टाचार और भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण किसानों की जमीन तो अधिग्रहित कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
सपा सदस्यों के आरोपों का सत्ता पक्ष ने विरोध किया, जिसके बाद सदन में तीखी बहस और शोर-शराबा हुआ। स्थिति बिगड़ने पर सपा के सदस्य सदन से बाहर चले गए।
शून्यकाल में उठाया गया मुद्दा
शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित सपा के सदस्य आशुतोष सिन्हा, डॉ. मान सिंह यादव, शाहनवाज खान और मुकुल यादव ने वाराणसी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप था कि अवैध कब्जों के नाम पर मंदिरों और दुकानों को गिराया गया है।
सदस्यों ने यह भी कहा कि विकास प्राधिकरणों द्वारा किसानों की अधिग्रहित की जा रही भूमि के बदले उचित मूल्य नहीं दिया जा रहा है। वाराणसी के घाटों के आसपास अवैध रूप से होटल निर्माण होने का भी आरोप लगाया गया।
सपा सदस्यों का कहना था कि जहां गरीबों पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन में हंगामा बढ़ गया।#UPVidhanParishad #SamajwadiParty #LandAcquisition #FarmerIssue #Varanasi #PoliticalNews #Walkout #UPPolitics