परफेक्ट पार्टनर के साथ भी क्यों होने लगती है बोरियत? जानें एक्सपर्ट की राय

किसी भी रिश्ते की शुरुआत में लोग अपने संभावित साथी की समझदारी, भावनात्मक परिपक्वता और मानसिक सुकून देने वाली प्रवृत्ति को परखते हैं। जेन-जी की शब्दावली में इन सकारात्मक गुणों को ‘ग्रीन फ्लैग्स’ कहा जाता है। हालांकि, कई मामलों में देखा गया है कि समय बीतने के साथ यही खूबियां कुछ लोगों को नीरस या एकरस लगने लगती हैं।

सवाल उठता है कि जब साथी में कोई स्पष्ट कमी नहीं है, तब भी रिश्ते में ऊब क्यों महसूस होने लगती है?

इसी विषय पर अकाश हेल्थ केयर में एसोसिएट कंसल्टेंट (साइकैट्री) डॉ. पवित्रा शंकर से बातचीत की गई। उनके अनुसार, रिश्तों में शुरुआती उत्साह समय के साथ स्थिरता में बदल जाता है। यह स्थिरता कई लोगों को सुरक्षा और संतुलन देती है, लेकिन कुछ लोगों को इसमें रोमांच की कमी महसूस हो सकती है।

डॉ. शंकर का कहना है कि मानव मस्तिष्क नवीनता (novelty) की ओर आकर्षित होता है। जब रिश्ता एक तय ढर्रे पर चलने लगता है, तो कुछ व्यक्तियों को उसमें उत्साह की कमी महसूस होने लगती है, भले ही साथी व्यवहारिक और संवेदनशील ही क्यों न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति रिश्ते की कमजोरी नहीं, बल्कि भावनात्मक अपेक्षाओं और व्यक्तिगत मनोविज्ञान से जुड़ी होती है। ऐसे में संवाद, साझा गतिविधियां और समय-समय पर रिश्ते में नएपन का समावेश इस ऊब को कम करने में सहायक हो सकता है।#RelationshipAdvice #PerfectPartner #GreenFlags #RelationshipBoredom #MentalHealth #LoveAndPsychology #GenZ #HealthyRelationship

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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