बरहज में सरयू नदी पर निर्माणाधीन ‘मोहन सेतु’ कटान की जद में आ गया है। बीते तीन वर्षों में नदी की धारा ने दूसरी ओर का भूगोल बदल दिया है, जिसके चलते सेतु से लगभग 130 मीटर की दूरी तक कटान हो चुका है। इससे पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) के निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही है।
सेतु की सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए अब 10 नए पायों के निर्माण तथा परवलयाकार गाइड बांध बनाने की तैयारी की जा रही है। संबंधित विभाग द्वारा इस दिशा में तकनीकी आकलन के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया गया है।
विधान परिषद में एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि नदी के प्रवाह की मॉडल स्टडी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के प्रो. जुल्फिकार अहमद से कराई गई है। अध्ययन के अनुसार वर्ष 2025 की वर्षा ऋतु में नदी की मुख्य धारा सेतु स्थल से लगभग 300 मीटर दूर बहती पाई गई।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर संरचनात्मक सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गाइड बांध और अतिरिक्त पायों के निर्माण से कटान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा और सेतु परियोजना को सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।#Barhaj
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