सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत बनाने और राशन वितरण व्यवस्था को स्थायी ढांचा देने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शासन ने जिले में 225 अन्नपूर्णा भवनों (उचित दर राशन दुकानों) के निर्माण को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
18 करोड़ रुपये की लागत से होंगे निर्माण
इन भवनों के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक अन्नपूर्णा भवन के निर्माण के लिए 8.40 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। यह योजना राशन वितरण प्रणाली को अधिक संगठित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
निर्माण की जिम्मेदारी आरईडी को
निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RED) को सौंपी गई है, जबकि इसके लिए बजट आपूर्ति विभाग द्वारा जारी किया गया है। संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लाभार्थियों को जल्द से जल्द इसका फायदा मिल सके।
राशन वितरण में आएगी स्थिरता
अधिकारियों के अनुसार, अन्नपूर्णा भवन बनने से राशन दुकानों को स्थायी ढांचा मिलेगा, जिससे वितरण व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। इससे लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और राशन वितरण में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा विशेष लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा, जहां अभी कई स्थानों पर राशन दुकानों के लिए स्थायी भवन नहीं हैं। नए भवन बनने से न केवल भंडारण और वितरण में सुविधा होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर वातावरण में सेवाएं मिल सकेंगी।
पारदर्शिता और सुविधा पर जोर
सरकार की इस पहल का उद्देश्य सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि पूरी वितरण प्रणाली को मजबूत करना है। स्थायी ढांचे के माध्यम से निगरानी आसान होगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।#PDS #RationSystem #AnnapurnaBhawan #GovernmentScheme #RuralDevelopment #FoodSecurity #IndiaNews