अनिल कपूर ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ से फिल्म इंडस्ट्री में चल रहे एक ट्रेंड पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन दिनों सिनेमा से जुड़े इवेंट्स में यह आम होता जा रहा है कि सितारे मीडिया के असल सवालों से बचते हुए केवल पीआर टीम द्वारा तय किए गए प्रश्नों का ही जवाब देते हैं।
सोमवार को मुंबई में आयोजित फिल्म सूबेदार के ट्रेलर लॉन्च के दौरान भी ऐसा ही माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को केवल उन्हीं सवालों के लिए माइक दिए जा रहे थे, जिन्हें पहले से पीआर टीम द्वारा तय किया गया था।
इसी दौरान अनिल कपूर ने इस व्यवस्था पर अपनी असहमति जाहिर की। तय सवालों का दौर खत्म होने के बाद जब एंकर ने सवाल-जवाब सत्र समाप्त करने की घोषणा की, तब अनिल कपूर ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अब यह ट्रेंड ज्यादा बढ़ गया है, जहां पीआर टीम ही सवाल तय करती है और वही पूछे जाते हैं।
उनका यह बयान न केवल वहां मौजूद लोगों के लिए चौंकाने वाला था, बल्कि इंडस्ट्री के भीतर चल रही एक महत्वपूर्ण बहस को भी सामने ले आया। उन्होंने संकेत दिया कि मीडिया और कलाकारों के बीच सीधा संवाद होना जरूरी है, न कि केवल नियंत्रित सवाल-जवाब का मंच।
फिल्म इंडस्ट्री में पीआर मैनेजमेंट का बढ़ता प्रभाव लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है, लेकिन बहुत कम सितारे इस पर सार्वजनिक रूप से बोलते हैं। ऐसे में अनिल कपूर का यह रुख कई लोगों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
यह घटना उस समय सामने आई है, जब फिल्म प्रमोशन के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और डिजिटल व सोशल मीडिया के दौर में कंट्रोल्ड नैरेटिव को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में अनिल कपूर का यह बयान मीडिया की स्वतंत्रता और पारदर्शिता की बहस को फिर से केंद्र में ले आता है।#AnilKapoor #Bollywood #PRCulture #Subedaar #TrailerLaunch #Mumbai #EntertainmentNews #MediaFreedom