शहर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में प्रदूषण एक बार फिर गंभीर समस्या बनकर उभरा है। सेक्टर 36ए और सेंट्रल पेरिफेरल रोड के आसपास खुले में कूड़ा और औद्योगिक अपशिष्ट जलाने की घटनाओं ने स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शाम होते-होते पूरा इलाका धुएं और बदबू की चपेट में आ जाता है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार कचरा और इंडस्ट्रियल वेस्ट जलाया जा रहा है, जिससे वातावरण में जहरीली गैसें फैल रही हैं। इस कारण आसपास की सोसायटियों में रहने वाले परिवारों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी राजेंद्र खट्टर ने बताया कि एलान माल, सेक्टर 84-85 के पास रोजाना कूड़ा और औद्योगिक कचरा जलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, गले में खराश और सिरदर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने आगे बताया कि बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। कई लोगों को सांस और एलर्जी से जुड़ी शिकायतें बढ़ गई हैं, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले में कचरा जलाने पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, औद्योगिक अपशिष्ट के निपटान के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार धुएं और जहरीली गैसों के संपर्क में रहने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर त्वरित हस्तक्षेप बेहद आवश्यक है, ताकि लोगों को इस प्रदूषण से राहत मिल सके।
फिलहाल, क्षेत्र में बढ़ता प्रदूषण न केवल पर्यावरण के लिए खतरा बन रहा है, बल्कि लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर डाल रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस समस्या को लेकर कितनी तेजी से कदम उठाता है।#AirPollution #WasteBurning #IndustrialWaste #HealthCrisis #Environment #IndiaNews #BreakingNews